What is a font in Hindi?

According to Wikipedia,
In metal typesetting, a font is a particular size, weight and style of a typeface. Each font was a matched set of type, one piece (called a "sort") for each glyph, and a typeface comprised a range of fonts that shared an overall design.

In modern usage, with the advent of digital typography, "font" is frequently synonymous with "typeface", although the two terms do not necessarily mean the same thing. In particular, the use of "vector" or "outline" fonts means that different sizes of a typeface can be dynamically generated from one design. Each style may still be in a separate "font file"—for instance, the typeface "Bulmer" may include the fonts "Bulmer roman", "Bulmer italic", "Bulmer bold" and "Bulmer extended"—but the term "font" might be applied either to one of these alone or to the whole typeface.

फॉण्ट (मुद्रलिपि) या टाइप फ़ेस अक्षरों के लिखने की अलग अलग शैलियाँ हैं जो छापे की लिखावट को विभिन्नता और सौंदर्य प्रदान करते हैं।

हिन्दी फॉण्ट दो प्रकार के होते हैं-

यूनिकोड फॉण्ट
वे फॉण्ट जो यूनिकोड मानक के अनुसार होते हैं तथा कम्प्यूटर के प्रचालन तन्त्र के स्क्रिप्ट इञ्जन का प्रयोग करके टैक्स्ट प्रदर्शित करते हैं, यूनिकोड फॉण्ट कहलाते हैं। वर्तमान में कम्प्यूटर एवं इण्टरनेट पर तमाम कार्यों में इन्हीं का प्रयोग होता है। यूनिकोड फॉण्टों के प्रयोग से कम्प्यूटर पर सभी जगह हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाएँ वैसे ही लिखी जा सकती हैं जैसे अंग्रेज़ी लिखी जा सकती है। यूनिकोड फॉण्टों के कारण ही कम्प्यूटर का सम्पूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम (विशेषकर लिनक्स) हिन्दी भाषा में उपलब्ध हो चुका है।

नॉन-यूनिकोड फॉण्ट
ये वे फॉण्ट हैं जो पुराने 8 बिट मानकों के अनुसार बने हैं। ये यूनिकोड के आने से पहले प्रचलन में लाये जाते थे। वर्तमान में कम्प्यूटर के सामान्य कार्यों एवं इण्टरनेट पर इनका स्थान यूनिकोड फॉण्टों ने ले लिया है। वर्तमान में ये केवल डीटीपी एवं ग्राफिक्स हेतु प्रयोग में लाये जाते हैं क्योंकि कई डीटीपी एवं ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर इण्डिक यूनिकोड का समर्थन नही करते। इसके अतिरिक्त छपाई हेतु सुन्दर यूनिकोड फॉण्टों का अभाव भी एक कारण है जिसकी वजह से नॉन-यूनिकोड फॉण्ट अभी भी प्रयोग में लाये जाते हैं।

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

Links to this post:

Create a Link

<< Home